Tuesday, November 18, 2025

हमारे साथ श्री रघुनाथ (Humare Saath Shri Raghunaath)

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता

शरण में रख दिया जब माथा तो किस बात की चिंता

किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता

किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता

किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता

किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता

तेरे स्वामी

तेरे स्वामी को रहती है तेरी हर बात की चिंता

तेरे स्वामी को रहती है तेरी हर बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की

न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की

न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की

न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की

रहे हर स्वास

रहे हर स्वास में भगवान के प्रिय नाम की चिंता

रहे हर स्वास में भगवान के प्रिय नाम की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में

विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में

विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में

विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में

उन्ही का हाँ, उन्ही का हाँ

उन्ही का कर रहे गुणगान तो किस बात की चिंता

उन्ही का कर रहे गुणगान तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

हुई भक्त पर कृपा बनाया दास प्रभु अपना

हुई भक्त पर कृपा बनाया दास प्रभु अपना

हुई भक्त पर कृपा बनाया दास प्रभु अपना

हुई भक्त पर कृपा बनाया दास प्रभु अपना

उन्ही के हाथ

उन्ही के हाथ में अब हाथ तो किस बात की चिंता

उन्ही के हाथ में अब हाथ तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता

शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता

शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता

हाँ हाँ किस बात की चिंता

अरे किस बात की चिंता

किस बात की चिंता 

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

 सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये


मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में

मुख में हो राम नाम राम सेवा हाथ में

नहिं तू अकेला प्यारे राम तेरे साथ में

विधि का विधान जान

विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये


किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा

किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा

होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा

फल आशा त्याग शुभ काम करते रहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये


ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के

ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के

महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे

धन्यवाद निर्विवाद

धन्यवाद निर्विवाद राम राम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये


आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे

आशा एक रामजी से दूजी आशा छोड़ दे

नाता एक रामजी से दूजा नाते तोड़ दे

साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये

सीता राम सीता राम सीताराम कहिये

जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये