Friday, November 7, 2025

हे रम्ब श्री लंबोदरा

 

वक्रतुंडा महाकाया सूर्यकोटी समप्रभा
निर्विघ्नन कुरू मे देव सर्वाकारयेशू सर्वदा


प्रथमेश्वरा गणधिश्वराचिन्तामणी परमेश्वरा

गणनाथ सुरमणि गणपति
गणनाथ सुरमणि गणपति
हे रम्ब श्री लंबोदरा

 

प्रथमेश्वरा गणधिश्वरा

चिन्तामणी परमेश्वरा

महाकाल हो लय ताल हो

सुर छन्द श्रुतिः अखिलेश्वरा

संगीत में और गीत में

गतिमान हो पुरमेश्वरा

गणनाथ सुरमणि गणपति

हे रम्ब श्री लम्बोदरा

 

शिवानंद हो आनंद हो

मंगलेश्वरा धुमेश्वरा

विश्वेश्वरा सर्वेश्वरा

विद्यापति चितेश्वरा

गणनाथ सुरमणि गणपति
गणनाथ सुरमणि गणपति
हे रम्ब श्री लंबोदरा


Credit: Jagjit Singh Ji

No comments:

Post a Comment