Friday, October 25, 2024

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो


 मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो ।

जय जय माँ, जय जय माँ ।


कहाँ यहाँ देवों का नंदन,

मलयाचल का अभिनव चन्दन ।

मेरे उर के उजड़े वन में करुणामयी विचरो ॥

नहीं कहीं कुछ मुझ में सुन्दर,

काजल सा काला यह अंतर ।

प्राणों के गहरे गह्वर में ममता मई विहरो ॥

वर दे वर दे, वींणा वादिनी वर दे।


निर्मल मन कर दे, प्रेम अतुल कर दे।

सब की सद्गति हो, ऐसा हम को वर दे॥

सत्यमयी तू है, ज्ञानमयी तू है।

प्रेममयी भी तू है, हम बच्चो को वर दे॥

सरस्वती भी तू है, महालक्ष्मी तू है।

महाकाली भी तू है, हम भक्तो को वर दे॥



Song: Mere Man Ke Andh Tamas Mein 

 lyrics sung by Jagjit Singh

Tuesday, October 22, 2024

जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि





 जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि

सकल विघन कर दूर हमारे

जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि

(जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि)

सकल विघन कर दूर हमारे

(सकल विघन कर दूर हमारे)

जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि

सकल विघन कर दूर हमारे

प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो

(प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो)

प्रथम धरे जो ध्यान तुम्हारो

तिसके पूरण कारज सारे

जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि

सकल विघन कर दूर हमारे

(जय गणेश, गणनाथ, दयानिधि)

(सकल विघन कर दूर हमारे)

लम्बोदर, गजवदन, मनोहर

(लम्बोदर गज वदन मनोहर)

लम्बोदर, गजवदन, मनोहर

(लम्बोदर, गजवदन, मनोहर)

कर त्रिशूल पर सु वरधारे

(कर त्रिशूल पर सु वरधारे

रिद्धि-सिद्धि दोउ चँवर ढुलावे

(रिद्धि-सिद्धि दोउ चँवर ढुलावे)

रिद्धि-सिद्धि दोउ चँवर ढुलावे

(रिद्धि-सिद्धि दोउ चँवर ढुलावे)

मूषक वाहन परम सुखारे

(मूषक वाहन परम सुखारे)

ब्रह्मानन्द सहाय करो नित

(ब्रह्मानन्द सहाय करो नित)

ब्रह्मानन्द सहाय करो नित

(ब्रह्मानन्द सहाय करो नित)

भक्त जनों के तुम रखवारे

(भक्त जनों के तुम रखवारे)



Track - Jai Ganesh Gananath Dyanidhi

Singer - Jagjit Singh

Language - Hindi

Label - Times Music Spiritual